Handsome Mushroom

Hey Mushroom, Hey mushroom,You are so handsome,like a groom,Soft and shiny is your skin,You were not tiny in my dream. Pink head, white leg,Don’t be afraid,I am not threat,Rainy day and here you peep,Rest of the days,where do you sleep? Dear friends,Meet my pal,Sing a song,Dance ding dong,Make him smile,Hey Mushroom, Hey mushroom,You are so…

फौजी

मैं , एक फौजी और फौजी होने के साथ साथ एक इंसान। आज मैं तिरंगे में लिपटे अपने कफ़न से बोल रहा हूँ, ये आवाज़ मेरे मृत शरीर की है। आप सोच रहे होंगे कि लोग कहते हैं फौजी तो मरता नहीं , अमर होता है । मगर मेरे अमर होने के साथ साथ, कोई…

Renuka Ji Lake

For the closest weekend getaway from Delhi (5hours drive) The canvas of the sky was changing like waves of the sea. Predawn light had just appeared and morning opened her mouth for a long yawn. It was somewhere around 5 am when I reached there. The sun was getting ready for his usual job behind…

भूख

कुछ करवटों के बाद दिमाग़ पेट से निकल एक जाने पहचाने से शहर की अनजानी, अंधेरी सड़क पर जा पहुँचा। नज़र चिथड़े में लिपटे, पटरी पर सिकुड़े पड़े कुछ शरीरों पर पड़ती है। अगस्त के महीने में कम्बल को सिर तक ओढ़े, कौन हैं ये शरीर? वो कौनसी शर्मिंदगी है जो इन्हें इस भीषण गर्म रात में भी मुँह को ढकने के लिये मजबूर कर रही है?

Save Forests of India

You would have recently read or watched videos against EIA. But what is EIA ? Environmental Impact Assessment (EIA) is a process to assess the impact of any project on the environment by the expert committee MoEF (Ministry of Environment and Forest) has recently prepared a new draft (EIA 2020) which makes it easier for…

किताब

शादी के बरसों बाद आज घरआई थी मैं। पता ही नहीं चला के कैसे बरसों बीत गए, बीते कुछ सालों को जिया तो है मैंने मगर महसूस नहीं किया। सुना था शादी के बाद लड़की का घर पराया हो जाता है। पर नहीं पता था कि इस कदर पराया हो जाता है जैसे बचपन का…

Our Thoughts

Hold your thoughts for a second and world around you will pass with a whoooooshhhh.  Just like the flowing water in the above picture passed me when I sat and held my thoughts still for a moment.  Have you ever felt this?  Have you ever tried to hold your thoughts still? Have you ever realised…

अधूरापन

क्यूँ हम इतने अधूरे हैं के,किसी के साथ से ही पूरे हैं?ज़िंदगी की ये राहें, जब इतनी हसीन हैं,तो फिर इस पर चल रहे दिल, क्यूँ गमगीन हैं?क्यूँ हम किसी की चाहत में खुद को ही खो बैठते हैं?जो मिला नहीं ज़िंदगी में,जीवन भर उसी की चाह क्यूँ रखते हैं? प्यार की परिभाषा में खोना…

गंगा घाट

गंगोत्री से गंगा के घाट तक, ज़िंदगी की तलाश में,मैं आज आ पहुँचा हूँ, मृत्य तक। कई सवाल हैं मेरे ज़हन में,जो खींच लाए हैं मुझे साधुओं के इस नगर में,जीवन का तात्पर्य क्या है?अगर कर्म प्रधान इंसान को केवल कर्म करते हुए जीते रहना है,तो आखिर जीते रहने का मक़सद क्या है ?सारा जग…

Two Ducks

It was my first day in the new office. The day, when I saw her for the first time. I don’t remember anything else from that particular day but I still remember that moment, that corner seat, her half-turned neck at my entry, that frisk moment of her straight hair, an innocent mole resting on…