शब्दों का स्वाद

शब्द उबल उबल कर,
अंदर ही अंदर पकने लगते हैं,
शब्दों की सीटी बजने लगती है,
कभी छोले की मिठास सी कविता पकती है,
तो कभी राजमा की खट्टास सा छंद,
गाहे बगाहे कहानी की कोई तरकारी भी पक जाती है।

Kitna mushkil hai Siddharth ka Buddha ho jaana?

बुद्ध – एक नाम जो पूरे संसार में प्रचलित है। एक इंसान जिसने विश्व कल्याण में पूरा जीवन लगा दिया और अपने ज्ञान से भगवान का दर्ज़ा पा लिया। कहते हैं संसार सिर्फ़ आपकी उपलब्धियों को याद रखता है और संघर्षों को भुला देता है। जैसे संसार ने बुद्ध के होने में सिद्धार्थ को भुला…

फौजी

मैं , एक फौजी और फौजी होने के साथ साथ एक इंसान। आज मैं तिरंगे में लिपटे अपने कफ़न से बोल रहा हूँ, ये आवाज़ मेरे मृत शरीर की है। आप सोच रहे होंगे कि लोग कहते हैं फौजी तो मरता नहीं , अमर होता है । मगर मेरे अमर होने के साथ साथ, कोई…

भूख

कुछ करवटों के बाद दिमाग़ पेट से निकल एक जाने पहचाने से शहर की अनजानी, अंधेरी सड़क पर जा पहुँचा। नज़र चिथड़े में लिपटे, पटरी पर सिकुड़े पड़े कुछ शरीरों पर पड़ती है। अगस्त के महीने में कम्बल को सिर तक ओढ़े, कौन हैं ये शरीर? वो कौनसी शर्मिंदगी है जो इन्हें इस भीषण गर्म रात में भी मुँह को ढकने के लिये मजबूर कर रही है?

Save Forests of India

You would have recently read or watched videos against EIA. But what is EIA ? Environmental Impact Assessment (EIA) is a process to assess the impact of any project on the environment by the expert committee MoEF (Ministry of Environment and Forest) has recently prepared a new draft (EIA 2020) which makes it easier for…

Our Thoughts

Hold your thoughts for a second and world around you will pass with a whoooooshhhh.  Just like the flowing water in the above picture passed me when I sat and held my thoughts still for a moment.  Have you ever felt this?  Have you ever tried to hold your thoughts still? Have you ever realised…